Smart Snacking: भारत में तेजी से बढ़ रही है स्मार्ट स्नैकिंग- रिपोर्ट 

Smart Snacking ।एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि शहरी उपभोक्ताओं द्वारा हेल्थ-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने के कारण भारत में स्मार्ट स्नैकिंग ट्रेडिशनल स्नैक्स की तुलना में 1.2 गुना तेजी से बढ़ी है।

उपभोक्ता इंटेलिजेंस कंपनी नीलसनआईक्यू (एनआईक्यू) की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 63 प्रतिशत उपभोक्ता नए और स्वस्थ स्नैकिंग विकल्प चाहते हैं, जबकि 50 प्रतिशत पोषण मूल्य को ध्‍यान में रखते हुए सामग्री लेबल पढ़ते हैं।

एनआईक्यू में ग्राहक सफलता-भारत की कार्यकारी निदेशक सोनिका गुप्ता ने कहा, ”देश में अब हर पांच में से एक स्नैक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। वैल्‍यू के मामले में यह सेगमेंट पारंपरिक स्नैक्स की तुलना में 1.2 गुना तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ब्रांडों के लिए स्वास्थ्य केंद्रित उत्पादों में नवाचार करने और उपभोग प्रवृत्ति का लाभ उठाने के अवसर मिल रहे हैं।”

उपभोक्ता तकनीक में स्वास्थ्य केंद्रित उत्पादों की ओर रुझान स्पष्ट है। फिटनेस वियरेबल्स में 59 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि हॉट एयर फ्रायर में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो दर्शाता है कि सेहत के प्रति लोग ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत दूसरे बड़े बाजार (स्नैक और कन्फेक्शनरी उद्योग के मामले में) के तौर पर उभरा है। शहरी उपभोक्ताओं द्वारा स्वास्थ्य-उन्मुख उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण इसमें बदलाव आ रहा है।

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि ने भारतीय उपभोक्ताओं को ऐसे स्नैक्स चुनने के लिए प्रेरित किया है जो उनके स्वास्थ्य लक्ष्यों से मेल खाते हों।

शोध से पता चला है कि सर्वेक्षण किए गए शहरी भारतीय उपभोक्ताओं में से 84 प्रतिशत लोग फिट रहने के लिए रोजाना या नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और 48 प्रतिशत लोग फिटनेस या व्यायाम ऐप का उपयोग करते हैं।

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छोटी और नई उभरते हुए कंपनियां सिंगल-सर्व पैक के साथ बाजार में पहले से मौजूद कंपनियों को कड़ी चुनौती दे रही है, इससे मांग बढ़ रही है। प्रतिस्पर्धी मूल्य नीतियों के कारण बाजार में स्मार्ट स्नैकिंग में 60 प्रतिशत अधिक की वृद्धि देखने को मिल रही है।

स्मार्ट स्नैकिंग सेगमेंट की वृद्धि सामान्य स्नैक्स बाजार की तुलना में दोगुनी खपत दर के कारण हुई है।आईएएनए

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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